मेरे गाये गीत

गुरुवार, जून 10, 2010

किसी की मुस्कराहटों पे हो निसार



शरद के स्वर में
प्रस्तुतकर्ता शरद तैलंग पर 6/10/2010 12:43:00 am 2 टिप्‍पणियां:

ज़िन्दगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र



शरद के स्वर में
प्रस्तुतकर्ता शरद तैलंग पर 6/10/2010 12:24:00 am कोई टिप्पणी नहीं:

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

प्रस्तुतकर्ता शरद तैलंग पर 6/10/2010 12:17:00 am कोई टिप्पणी नहीं:
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मेरे बारे में

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शरद तैलंग
सुगम संगीत गायक,व्यंग्यकार रंगकर्मी,ग़ज़लकार,कवि,आयोजक, पूर्व कार्यकारिणी सदस्य राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर,संयोजक सप्त शृंगार संस्था,
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